Thursday, July 16, 2020
Home Gk In HINDI कुटीर उद्योग धंधे एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योगों का महत्व

कुटीर उद्योग धंधे एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योगों का महत्व

कुटीर उद्योग धंधे का अर्थ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योगों का महत्व:-

कुटीर उद्योग धन्धे का अर्थ:-

कुटीर उद्योग धन्धों से अर्थ उन कुटीर उद्योगों से है  जो पूर्णतया परिवार के सदस्यों की सहायता से आंशिक अथवा पूर्णकालिक व्यवसाय के रूप में कारीगरों के घरों पर ही चलाए जाते हैं। उद्योगों में विशेष पूंजी व श्रम की आवश्यकता नहीं होती। और ना ही इनमें कर्मचारियों की नियुक्ति की जाती है।

कुटीर उद्योग का महत्व:- भारत की अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योग के महत्व निम्नलिखित बिंदुओं के अंतर्गत दिया जा सकता है

1. कम पूंजी की आवश्यकता:- भारत जैसे निर्धन देश में व्यक्तिगत व्यवसाय को चलाने के लिए कुटीर उद्योग ही उपयुक्त है। क्योंकि कुटीर उद्योग को चलाने के लिए कम पूंजी की आवश्यकता होती है।

2. रोजगार की प्राप्ति:- कुटीर उद्योग रोजगार के अवसर प्रदान करके बेरोजगारी की समस्या को हल करने में सहायक होते हैं।

3. देश का संतुलित विकास:- जिन क्षेत्रों में बड़े उद्योग धंधे स्थापित नहीं किए जा सकते। तो उन क्षेत्र में कम पूँजी के द्वारा कुटीर उद्योगों का विकास करके देश का विकास किया जा सकता है।

4. गाँव का विकास:- गांव का सर्वागीण विकास कुटीर उद्योगों में ही निहित होता है। ग्रामीण जनता बेरोजगारी  से अधिक परेशान रहती है। इसलिए अगर ग्रामीण क्षेत्रों में कुटीर उद्योगों का विकास हो जाए तो ग्रामीण जनता के समय का भी सही उपयोग हो जाएगा और उन्हें काम के बदले पैसे भी मिल पाएंगे जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा

5. वर्ग संघर्ष से बचाव:- बड़े उद्योगों में मालिकों व श्रमिकों में संघर्ष बना रहता है। परंतु कुटीर उद्योगों में किसी भी प्रकार के वर्ग संघर्ष उत्पन्न होने का भय नहीं रहता है।

6. अकाल के समय सुरक्षा:- अधिकांश भारतीय जनता कृषि उत्पादन पर ही जीवन निर्वाह करती है अकाल के समय फसल नष्ट हो जाने पर कुटीर उद्योगों की सहायता से भरण पोषण किया जा सकता है।

7. विदेशी मुद्रा का अर्जन:- कुटीर उद्योगों में निर्मित कलात्मक वस्तुओं का निर्यात करके विदेशी मुद्रा का अर्जन किया जा सकता है।

8. कला कौशल की उन्नति:- कुटीर उद्योग में हाथ से निर्मित वस्तुओं की प्रधानता रहती है। इसमें प्रत्येककलाकार को कुटीर उद्योगों के माध्यम से अपनी पूर्ण क्षमता प्रदर्शित करने के अवसर मिलते हैं और उसके बदले उन्हें पैसे मिलते हैं। प्राचीन काल में भारत के ढाका शहर की मलमल जो हाथ से निर्मित की जाती थी। विश्वविख्यात थी। इससे देश में कला कौशल की उन्नति होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Hello

We are right about the HTML5 player

Indian Coast Guard Yantrik Recruitment 2019 With Syllabus, Best Book

Name of the Post: Indian Coast Guard Yantrik 01/2020 Batch Online Link AvailablePost Date: 31-07-2019Latest Update: 12-08-2019Brief Information: Indian Coast Guard has given a notification for the recruitment of Yantrik...

SSB Constable GD Recruitment 2019 Online Form, Syllabus, Best Book

Name of the Post: SSB Constable Online Form 2019Post Date: 16-07-2019Latest Update: 10-08-2019Total Vacancy: 150Brief Information: Sashastra Seema Bal (SSB) has published notification for the recruitment of Constable (General Duty) vacancies in...

Recent Comments

RaymondEtesk on RRB NTPC 2019 Notification
KAMLESH KUMAR KUMAWAT on ANECDOTES(GECA Tech Fest)
Pushpender Gaur on ANECDOTES(GECA Tech Fest)
Jatin sikhwal on ANECDOTES(GECA Tech Fest)