1930 की महामंदी | Black Tuesday | दुनिया की अर्थव्यवस्था का सबसे ख़राब समय

1930 की महामंदी | Black Tuesday | दुनिया की अर्थव्यवस्था का सबसे ख़राब समय इससे पहले कि मै आपको 1930 की महामंदी के बारे में बताना शुरू करूँ पहले समझ लेते हैं आखिर मंदी क्या होती है सरल सी भाषा में, दोस्तों मंदी वो अवस्था है जिसमे लोगों की खरीदने कि क्षमता ख़त्म हो जाती … Read more

व्यष्टि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं ? | What is Micro Economics in Hindi

व्यष्टि अर्थशास्त्र किसे कहते हैं ? | What is Micro Economics in Hindi व्यष्टि अर्थशास्त्र क्या है ?  व्यष्टि अर्थशास्त्र यानी सूक्ष्मअर्थशास्त्र अर्थशास्त्र की एक शाखा है जो यह अध्ययन करता है कि किस प्रकार अर्थव्यवस्था के व्यक्तिगत अवयव, परिवार एवं फर्म, विशिष्ट रूप से उन बाजारों में सीमित संसाधनों के आवंटन का निर्णय करते हैं, … Read more

बिटकॉइन क्या है ? What is Bitcoin in Hindi

बिटकॉइन क्या है ? What is Bitcoin in Hindi बिटकॉइन क्या है ? (What is bitcoin?) बिटकाइन एक डिजिटल मुद्रा है। यह पहली डिजिटल या वर्चुअल मुद्रा है | यह किसी केंद्रीय बैंक द्वारा नहीं संचालित होती। यह एक ऐसी करेंसी है जिसको आप ना तो देख सकते हैं और न ही छू सकते हैं। यह केवल इलेक्ट्रॉनिकली स्टोर होती है। … Read more

भारत में कृषि श्रमिकों की समस्या के निदान हेतु भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयास

भारत में कृषि श्रमिकों की समस्या के निदान हेतु भारत सरकार द्वारा किए गए प्रयास कृषि श्रमिक:- वह व्यकित जो किसी व्यक्ति की भूमि पर केवल एक श्रमिक (मजदूर) के रूप में कार्य करता है। तथा अपने श्रम (काम) के बदले में रूपये या फसल (अनाज) के रूप में मजदूरी प्राप्त करता है। और कार्य … Read more

भारत में पत्र-मुद्रा का चलन तथा उसके लाभ एवं हानियां

भारत में पत्र-मुद्रा का चलन तथा उसके लाभ एवं हानियां मुद्रा का अर्थ:- कागज पर छपी मुद्रा को पत्र मुद्रा कहते हैं। यह कागज पर छपी निश्चित राशि के भुगतान का प्रतिज्ञा पत्र है जो किसी सरकार अथवा केंद्रीय बैंक द्वारा अपनी मुहर लगाकर जारी किया जाता है। भारत में पत्र मुद्रा का चलन 1861 के पूर्व … Read more

बाजार का अर्थ एवं वर्गीकरण

बाजार का अर्थ एवं वर्गीकरण बाजार का अर्थ:- बोलचाल की आम भाषा में हम यह कह सकते हैं कि बाजार का आशय किसी ऐसे स्थान विशेष से हैं जहां किसी वस्तु या वस्तुओं के क्रेता और विक्रेता इकठ्ठा होते हैं। तथा वस्तुओं को खरीदते और बेचते हैं। परंतु अर्थशास्त्र में बाजार शब्द का अर्थ इससे … Read more

औद्योगिक क्रांति का अर्थ कारण एवं आविष्कारक तथा लाभ और उसके प्रभाव

औद्योगिक क्रांति का अर्थ कारण एवं आविष्कारक तथा लाभ और उसके प्रभाव:- औद्योगिक क्रांति का अर्थ:- औद्योगिक क्रांति का साधारण अर्थ है- हाथों द्वारा बनाई गई वस्तुओं के स्थान पर आधुनिक मशीनों के द्वारा व्यापक स्तर पर निर्माण की प्रक्रिया को उद्योगिक क्रांति कहा जाता है। औद्योगिक क्रांति का प्रारंभ:- औद्योगिक क्रांति का प्रारंभ 18 … Read more

कुटीर उद्योग धंधे एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योगों का महत्व

कुटीर उद्योग धंधे का अर्थ एवं भारतीय अर्थव्यवस्था में कुटीर उद्योगों का महत्व:- कुटीर उद्योग धन्धे का अर्थ:- कुटीर उद्योग धन्धों से अर्थ उन कुटीर उद्योगों से है  जो पूर्णतया परिवार के सदस्यों की सहायता से आंशिक अथवा पूर्णकालिक व्यवसाय के रूप में कारीगरों के घरों पर ही चलाए जाते हैं। उद्योगों में विशेष पूंजी … Read more

जिला पंचायत परिषद, जिला पंचायत के कार्य व आय के स्रोत (Zilla Panchayat Council, Zilla Panchayat’s work and source of income)

जिला पंचायत परिषद (District Panchayat Council) जिला पंचायत/जिला परिषद पंचायती राज व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है जो अपने अधीन कार्य करने वाले पंचायती संस्थाओं तथा राज्य सरकार के मध्य की एक कड़ी है | खंड स्तर की पंचायतों के प्रमुख जिला पंचायत के सदस्य होते हैं तथा अध्यक्ष का चुनाव में सदस्य द्वारा … Read more

पंचायतों की आय के स्त्रोत (Sources of Income of Panchayats)

पंचायतों की आय के स्त्रोत (Sources of income of panchayats) मनोरंजन कर | चूल्हा कर | दुग्ध उत्पादन कर | पशुओं की पंजीकरण फीस | व्यापार तथा रोजगार कर | संपत्ति के क्रय विक्रय पर कर | कूड़ा करकट तथा मृत पशुओं की बिक्री से आय | सड़क को नालियों की सफाई तथा प्रकाश पर … Read more